सीकर। अतिरिक्त जिला कलेक्टर भावना शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति, जनहित से जुड़े मुद्दों, लंबित प्रकरणों के निस्तारण तथा आगामी राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान एडीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने फ्लैगशिप कार्यक्रमों की प्रगति में तेजी लाएं और आमजन से जुड़ी प्रत्येक शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर भावना शर्मा ने बैठक की शुरुआत में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता योजनाएं आमजन के जीवन से सीधे तौर पर जुड़ी हैं। इसलिए इन योजनाओं की कार्यप्रगति और क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से ‘राजस्थान संपर्क पोर्टल’, ‘लोकायुक्त प्रकरण’, ‘मुख्यमंत्री कार्यालय’ एवं ‘मानवाधिकार आयोग’ से संबंधित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिले में लंबित प्रकरणों को न केवल समयसीमा में निपटाया जाए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट रहें।
भावना शर्मा ने ‘लाइट्स पोर्टल’ पर दर्ज प्रकरणों में विभागाध्यक्षों को समय पर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई विभागों के प्रकरण अब भी लंबित हैं, जिनका निस्तारण नियमानुसार नहीं हुआ है। ऐसे विभागों को जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में एडीएम ने प्रशासनिक सुधार विभाग की भूमिका पर भी चर्चा की। सहायक निदेशक प्रशासनिक सुधार, इंदिरा शर्मा ने अपने विभाग की कार्यप्रणाली की जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार विभिन्न पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग नियमित मॉनिटरिंग के ज़रिए यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी शिकायत अनदेखी न हो।
इसके साथ ही, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने ‘राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने’ पर जिले में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रमों की योजना तैयार करें ताकि राज्य स्तरीय आयोजनों की सफलता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक कार्यक्रम में जनभागीदारी सुनिश्चित हो और सरकार की उपलब्धियों की जानकारी आमजन तक पहुंचे।

बैठक में जिला परिषद के सीईओ राजपाल यादव ने पंचायत स्तर पर चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पंचायत समितियों के स्तर पर भी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा योजनाओं में कार्य गति को बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिला परिषद की ओर से बताया गया कि ग्रामपंचायतों में पेयजल, सड़क और स्वच्छता योजनाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
डीओआईटी विभाग के संयुक्त निदेशक सत्यनारायण चौहान ने बताया कि सभी ऑनलाइन पोर्टलों की मॉनिटरिंग और डेटा अपडेट का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने लाइट्स पोर्टल, राजस्थान संपर्क पोर्टल, आरटीपीएस और अन्य ऑनलाइन माध्यमों पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के माध्यम से शिकायत निस्तारण की गति तेज़ हुई है, लेकिन कुछ विभागों को अब भी समयसीमा में जवाब देने में सुधार की आवश्यकता है। इस पर एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को चेताया कि वे निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत करें।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र से जुड़ी समस्याओं, उपलब्धियों व सुझावों को रखा। भावना शर्मा ने कहा कि विभागों के बीच समन्वय और संवाद ही प्रभावी प्रशासन की कुंजी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड विज़िट बढ़ाएं, जन-संपर्क पर ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
उन्होंने जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों के व्यवहारिक समाधान पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि परिणामों पर गौर करें। उन्होंने प्रत्येक विभाग को निर्देश दिए कि वे अपने कार्यों का मासिक रिपोर्ट कार्ड तैयार करें और अगली समीक्षा बैठक में अद्यतन प्रगति प्रस्तुत करें।
इसके अलावा बैठक में महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जलदाय, सार्वजनिक निर्माण विभाग, समाज कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। एडीएम ने कहा कि जिले में बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पोषण अभियान तथा स्वास्थ्य योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनकी जमीनी स्थिति बेहतर हो।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के साथ-साथ स्थानीय स्तर के आयोजनों में भी जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है।
बैठक के अंत में एडीएम ने कहा कि विभागीय समन्वय और पारदर्शिता से ही प्रशासनिक कार्यों में गति लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिले में शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी और समयबद्ध रूप से हो।
बैठक में जिला परिषद सीईओ राजपाल यादव, सहायक निदेशक प्रशासनिक सुधार विभाग इंदिरा शर्मा, संयुक्त निदेशक डीओआईटी सत्यनारायण चौहान सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।






