सीकर महामंदिर रोड स्थित राजकीय सर माधव स्कूल में वर्षों पुराने हरे-भरे पीपल के पेड़ को काटे जाने पर शुक्रवार को क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। जैसे ही इस बात की सूचना आसपास के लोगों और धार्मिक संगठनों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और स्कूल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना था कि पीपल का पेड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से पूजनीय है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी पर्यावरण के लिए अत्यंत उपयोगी माना जाता है। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “आज जब सरकार ‘एक मां एक पेड़’ जैसी मुहिम चला रही है, तब इस तरह वर्षों पुराने पौधों को काटना दुर्भाग्यपूर्ण है।”
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर शनिवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत और मामला दर्ज करवाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाए और ऐसे पुराने पेड़ों के संरक्षण हेतु ठोस नीति बनाई जाए।इधर, किसान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र झुरिया ने भी पेड़ काटे जाने की निंदा करते हुए कहा कि “प्रकृति और धर्म दोनों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पेड़ कटाई की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है