सीकर जिले के नीमकाथाना रेलवे स्टेशन पर सोमवार देर शाम एक फोन कॉल के जरिए बम धमाके की धमकी मिलने से प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। सीकर कंट्रोल रूम को फोन पर मिली सूचना के बाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और पूरे स्टेशन परिसर की गहन तलाशी ली गई। हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, जिसके बाद राहत की सांस ली गई।

सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर भागीरथ साख, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश मीणा, उपखंड अधिकारी राजीव यादव, पुलिस उपाधीक्षक सुशील मान, तथा कोतवाली थाना अधिकारी विजेंद्र सिंह जाब्ते के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे। सभी अधिकारियों ने पूरे स्टेशन परिसर व आसपास के क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। साथ ही फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुलाया गया ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
जांच अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म, वेटिंग हॉल, टिकट काउंटर, सामान रखने के कमरे और यात्रियों के बैठने के स्थान की तलाशी ली गई। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए रेल यातायात को नियंत्रित रखा गया। लोगों को स्टेशन से बाहर जाने का भी आग्रह किया गया ताकि सुरक्षा जांच बिना किसी व्यवधान के की जा सके।
फिलहाल राहत की बात यह रही कि लंबी जांच के बावजूद कोई भी विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कॉल संभवतया किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा शरारतन की गई प्रतीत होती है।

कोतवाली थाना अधिकारी विजेंद्र सिंह ने बताया, “सीकर कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि किसी ने फोन पर कहा है कि नीमकाथाना रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाया जाएगा। सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंच गए और पूरे रेलवे स्टेशन क्षेत्र की बारीकी से जांच की गई। हमारी टीम ने फायर ब्रिगेड और आपात सेवाओं के साथ मिलकर हर कोने की तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।”
पुलिस ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से यह धमकी कॉल की गई थी, उसकी लोकेशन सीकर के आसपास पाई गई। पुलिस द्वारा उस नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से कॉलर की पहचान करने में जुट गई है।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर भागीरथ साख ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। “हम सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे, रेलवे प्रशासन और पुलिस के साथ स्टेशन का निरीक्षण किया गया। यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता थी। सौभाग्य से कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन हम इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, धमकी की सूचना सोशल मीडिया पर फैलने के बाद शहर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। कई लोग एहतियात के तौर पर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास नहीं पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने बाद में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में कर ली और आम जन से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संबंधित कॉल की डिटेल और लोकेशन सर्विलांस के जरिए निकाली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि फोन करने वाला व्यक्ति कौन था और उसकी मंशा क्या थी। प्रशासन का कहना है कि झूठी धमकी की स्थिति में भी इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हर कॉल की जांच आवश्यक है ताकि किसी भी संभावित खतरे से पहले ही निपटा जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को अस्थायी तौर पर और सख्त कर दिया गया है। साथ ही यात्रियों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।
नीमकाथाना रेलवे स्टेशन पर यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की झूठी धमकी मिली हो। इससे पहले भी कुछ वर्षों पहले रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी मिली थी, लेकिन बाद में वह भी झूठी पाई गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में साइबर सर्विलांस टीम को और सक्रिय किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर तुरंत अंकुश लगाया जा सके।






