- सीकर, 12 दिसंबर को झुंझुनूं में हुई चर्चित गैंगवार के बाद अब सीकर पुलिस और प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी श्रवण भादवासी की संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को सीकर जिले के भादवासी गांव में श्रवण की चार दुकानों को प्रशासन ने अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया।

एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई की गई। मौके पर सीकर कोतवाली, सदर सीकर, उद्योग नगर, गोकुलपुरा, दादिया और बलारां थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस और प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए।
अवैध शराब कारोबार पर भी कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी श्रवण भादवासी की दुकानों पर लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, इन दुकानों में पीछे की तरफ शराब का गोदाम और “ब्लाइंड ब्रांच” भी बनाई गई थी, जहां से अवैध शराब की सप्लाई की जाती थी। इस दौरान आबकारी विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और लाखों रुपए की अवैध शराब जब्त की।
आबकारी अधिकारियों का कहना है कि आरोपी श्रवण और उसके साथियों का यह नेटवर्क न केवल आस-पास के गांवों बल्कि झुंझुनूं और चूरू जिलों तक फैला हुआ है। इनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। कहा जा रहा है कि गैंगवार की जड़ में भी शराब और अवैध लेन-देन का विवाद ही मुख्य कारण था।
ऑफिस में होती थी गैंग पार्टी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी श्रवण ने इन दुकानों के ऊपर एक आलीशान ऑफिस भी बनाया हुआ था। ऑफिस में महंगे सोफे, एयर कंडीशनर, म्यूजिक सिस्टम और अन्य आरामदायक सुविधाएं थीं। यहां आए दिन श्रवण और उसकी गैंग के सदस्य बैठकर शराब पार्टी किया करते थे। पुलिस को मौके से पार्टी के कई सबूत भी मिले हैं, जिनमें खाली बोतलें, ग्लास सेट और अन्य सामान शामिल हैं।
कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई प्रशासन के निर्देश पर पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आगे भी जिले में अवैध निर्माण, शराब कारोबार और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
डॉ. सिंह ने कहा, “सीकर जिले में किसी भी अपराधी को पनपने नहीं दिया जाएगा। जो भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।”
ग्रामीणों में चर्चा तेज

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे भादवासी और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल बन गया। कई ग्रामीणों ने बताया कि श्रवण भादवासी के खिलाफ लोग पहले से ही शिकायत कर रहे थे, लेकिन गैंग के डर से कोई सामने नहीं आता था। अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद लोगों में राहत की भावना है और कई ग्रामीणों ने पुलिस की पहल की सराहना की है।
गैंगवार के बाद बढ़ी सख्ती

गौरतलब है कि 12 दिसंबर को झुंझुनूं जिले में दो गैंगों के बीच हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी थी। जांच में सामने आया कि गैंगवार में शामिल कई आरोपी सीकर जिले के भी थे। इसी कड़ी में आरोपी श्रवण भादवासी का नाम प्रमुख रूप से सामने आया, जिसके बाद सीकर पुलिस ने उसके ठिकानों पर नजर रखनी शुरू की।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है और उनके अवैध ठिकानों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
स्थानीय राजनीति में भी हलचल
इस कार्रवाई का असर स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी देखा जा रहा है। कुछ नेताओं ने इसे पुलिस प्रशासन का ‘सही कदम’ बताया है तो कुछ ने कहा कि “ऐसी कार्रवाई निष्पक्ष ढंग से सभी अपराधियों पर होनी चाहिए।” हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है, न कि किसी राजनीतिक उद्देश्य से।
कुल मिलाकर, झुंझुनूं गैंगवार के बाद सीकर पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश देती है कि प्रशासन अब अपराधियों पर किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं






