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सीकर झुंझुनू की गैंगवार के बाद सीकर में पुलिस का बड़ा एक्शन, दोनों गैंग पर ताबड़तोड़ रेड — एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल के नेतृत्व में सर्च ऑपरेशन जारी

सीकर झुंझुनू जिले के खिरोड़ गांव में हुई खूनी गैंगवार के बाद अब पुलिस ने सीकर जिले में मोर्चा संभाल लिया है। रविवार सुबह से सीकर में पुलिस द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की गई। इस एक्शन का नेतृत्व एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह कर रहे हैं, जिनके साथ जिले भर के कई थानों की टीमों और क्यूआरटी (QRT) के जवानों ने मिलकर दोनों प्रतिद्वंद्वी गैंगों के ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया।पुलिस ने यह कार्रवाई झुंझुनू गैंगवार में मारे गए बदमाशों और इससे जुड़े आरोपियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए शुरू की है। इस बीच, सीकर जिले में चर्चित हिस्ट्रीशीटर श्रवण भादवासी और रविंद्र कटेवा गैंग से जुड़े दर्जनों ठिकानों पर दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वाहनों को जब्त किया है।

गैंगवार का मामला: जमीन विवाद से शुरू हुई रंजिश

संपूर्ण घटनाक्रम की जड़ एक पुराने जमीन विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविंद्र कटेवा और श्रवण भादवासी के बीच इस भूमि को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसी विवाद ने धीरे-धीरे गैंगवार का रूप धारण कर लिया।आरोप है कि श्रवण भादवासी ने प्रतिद्वंद्वी रविंद्र कटेवा को खत्म करने की साजिश रची और इसके लिए उसने अपने साथियों — पिंटू, कृष्णकांत, राजेंद्र और नंदू फौजी — को कथित तौर पर सुपारी दी। चारों बदमाश हथियारों से लैस होकर रविंद्र के घर पहुंचे, लेकिन फायरिंग के दौरान घटनाक्रम उल्टा पड़ गया। रविंद्र कटेवा तो बच गया, जबकि गोली लगने से उसके साथी सुनील सूंडा की मृत्यु हो गई। इसके अलावा, मौके से बाद में पुलिस को आरोपी कृष्णकांत का शव भी बरामद हुआ।

सीकर में पुलिस का हाईएलर्ट और पल-पल की मॉनिटरिंग

गैंगवार के बाद दोनों ही गुटों के फरार होने की जानकारी पुलिस को मिली, जिसके बाद सीकर में हाई अलर्ट घोषित किया गया। सीकर एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल के नेतृत्व में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हुई। उनके साथ सीओ सिटी संदीप, कोतवाली थानाधिकारी सुनील जांगिड़, उद्योग नगर थानाधिकारी राजेश बुडानिया, सदर थानाधिकारी इंद्रराज मरोड़िया, रानोली थानाधिकारी बुद्धिप्रसाद दादिया सहित विभिन्न थानों की पुलिस टीमें सक्रिय हैं।

टीमों ने रविवार को सुबह से ही श्रवण भादवासी और रविंद्र कटेवा गैंग से जुड़े संदिग्ध स्थानों पर एक साथ दबिश दी। पुलिस ने श्रवण भादवासी के घर पर भी रेड की और उसके परिजनों से लंबी पूछताछ की। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं जो गैंगवार में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचाने में पुलिस की मदद करेंगे।

पुलिस की रणनीति: तकनीकी और फिजिकल ट्रैकिंग एक साथ

जानकारी के अनुसार, गैंग से जुड़े अधिकांश सदस्य घटना के बाद अपने ठिकाने छोड़कर भाग गए हैं। उनके मोबाइल फोन भी बंद बताए जा रहे हैं। इस स्थिति में पुलिस अब मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों के इनपुट के आधार पर सुराग जुटा रही है।

साथ ही, पुलिस ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की फॉरेंसिक जांच करवाई है ताकि आरोपियों की कॉल डिटेल और लोकेशन हिस्ट्री का पता लगाया जा सके। इसमें से कई कॉल रिकॉर्ड ऐसे मिले हैं जो झुंझुनू, सीकर और चूरू जिले के बीच एक आपराधिक नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

कार्रवाई के दौरान कई वाहन जब्त

सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध वाहनों को भी जब्त किया है। इनमें कुछ कारें और मोटरसाइकिलें शामिल हैं जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर हमले की योजना बनाने और बदमाशों को भागने में किया गया था। अब यह सभी वाहन पुलिस स्टेशन में रखे गए हैं और उनकी नंबर डिटेल्स की जांच कराई जा रही है।

गैंग से जुड़े कई नाम अभी फरार

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, श्रवण भादवासी के अलावा सीकर के अन्य कई युवकों की इस गैंगवार में संलिप्तता सामने आई है। इनमें से ज्यादातर नाम फिलहाल पुलिस रडार पर हैं और टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि इनमें से कुछ फरार आरोपी हरियाणा या दिल्ली के इलाके में छिपे हो सकते हैं।

पुलिस अब राज्य के बाहर की एजेंसियों से भी संपर्क कर रही है ताकि इन अपराधियों को जल्द पकड़कर मुख्य केस से जोड़ा जा सके।

स्थानीय स्तर पर भी असर

इस ताबड़तोड़ एक्शन से सीकर और आस-पास के इलाकों में सनसनी फैल गई है। पुलिस चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और गांव-गांव में पुलिस की गश्त जारी है। लोगों से भी अपील की जा रही है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

सीकर एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल ने बताया कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक गैंग के सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ जाते। उन्होंने कहा, “गैंगस्टरों के खिलाफ हमारा एक ही लक्ष्य है — जिले को अपराधमुक्त बनाना और आम जनता में सुरक्षा की भावना जगाना।”

मामला अब उच्च अधिकारियों की निगरानी में

गैंगवार के इस पूरे केस पर अब झुंझुनू और सीकर जिला पुलिस के संयुक्त समन्वय से निगरानी रखी जा रही है। आईजी रेंज ने भी टीमें गठित कर रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

विशेष शाखा और साइबर टीमों को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि गैंग की फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और कॉल रिकॉर्ड की गहराई से जांच की जा सके। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि गैंग के कई सदस्य जमीन के अवैध कारोबार, सट्टेबाजी और वसूली जैसे अपराधों में भी लिप्त थे।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने अब गैंगवार से जुड़े दोनों अहम गुटों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित करने की तैयारी चल रही है।

हालांकि यह साफ है कि झुंझुनू की गोलीबारी के बाद सीकर जिले में जो माहौल बना था, उस पर पुलिस का यह सर्च अभियान निर्णायक साबित हो सकता है। लगातार दबिशों ने दोनों गैंगों के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है और आने वाले दिनों में इस मामले में और कई खुलासे हो सकते हैं।

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