सीकर जिले की खाटूश्यामजी सदर पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने प्रकरण में करीब चार माह से फरार चल रहे मुख्य आरोपी जितेंद्र कुमार गुर्जर उर्फ जीतू उर्फ शेरा को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी सीकर जिले के श्रीमाधोपुर थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर का निवासी बताया जा रहा है।
थानाधिकारी अमित कुमार नागोरा ने जानकारी दी कि यह मामला रींगस थाना क्षेत्र का है, जहां कुछ समय पहले पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की थी। उस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों — सुनील गुर्जर, मंजीत सिंह और विकास यादव — को 32.72 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। हालांकि, उस समय वाहन चालक जितेंद्र कुमार गुर्जर उर्फ जीतू मौके से भागने में सफल हो गया था और तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
तकनीकी निगरानी से पकड़ा गया आरोपी

थानाधिकारी नागोरा ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही थी। अभियुक्त को पकड़ने के लिए तकनीकी निगरानी की जा रही थी, साथ ही पुलिस के मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। लंबे इंतजार और कई दिनों की तकनीकी जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी जितेंद्र कुमार अपने गांव के आसपास देखा गया है। इस पर खाटूश्यामजी सदर थाना पुलिस टीम ने तुरन्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वह इन चार महीनों के दौरान कहां-कहां छिपा रहा और किन लोगों के संपर्क में था। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अन्य तंतुओं का भी खुलासा हो सकता है।
रींगस थाना क्षेत्र में हुआ था मामला दर्ज
जानकारी के अनुसार, सितंबर माह में रींगस थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने एक वाहन की तलाशी ली थी। तलाशी में वाहन से 32.72 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। उस समय वाहन में चार लोग सवार थे — जिनमें से तीन को पुलिस ने मौके पर दबोच लिया, जबकि चालक जितेंद्र गुर्जर अफरातफरी में पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था।
तब से ही पुलिस उसकी तलाश में थी, मगर वह लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। पुलिस का कहना है कि फरार अभियुक्त अपने रिश्तेदारों और परिचितों के घर में रुककर एक जगह से दूसरी जगह जाता रहा, लेकिन तकनीकी निगरानी व मुखबिरों की मदद से अंततः उसके मूवमेंट का सुराग लग गया।
पुलिस की सक्रियता से मिली सफलता
थानाधिकारी अमित कुमार नागोरा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम व तस्करी में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में खाटूश्यामजी सदर थाना पुलिस ने यह उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि ये आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते हैं और तकनीकी साधनों से भी बचने की कोशिश करते हैं। बावजूद इसके, पुलिस टीमें निरंतर सतर्क हैं और हर ऐसे अपराधी को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रयासरत हैं।
पूछताछ के बाद खुल सकते हैं और राज
हुई
फिलहाल आरोपी जितेंद्र गुर्जर से विस्तार से पूछताछ की जा रही है। संभावना है कि पूछताछ में मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला, खरीदारों और अन्य तस्करों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी और व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस गिरफ्तारी को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस ने भी इस सफलता को अपनी सतर्कता और टीमवर्क का परिणाम बताया है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण की जांच खाटूश्यामजी सदर थाना प्रभारी अमित कुमार नागोरा द्वारा की जा रही है।







