सीकर शहर के फतेहपुरी गेट स्थित लंकापुरी बालाजी धाम के पीठाधीश्वर नंदकिशोर पारीक ने अपना अवतरण दिवस (जन्मदिन) अत्यंत पावन एवं प्रेरणादायी ढंग से मनाया।

उन्होंने इस अवसर पर गौ माता की सेवा एवं लोहागर्ल धाम में वानरों (बंदरों) की सेवा का संकल्प लिया, जो धर्म, भक्ति, तप, त्याग एवं सदाचार के उच्च आदर्शों का प्रतीक बना। यह सेवा कार्य लंकापुरी बालाजी धाम कमेटी के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें धाम के सभी सदस्यों ने भागीदारी निभाई।
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लंकापुरी बालाजी धाम की मीडिया प्रभारी एवं गोसेविका ज्योति तनवानी ने बताया कि बालाजी धाम के अध्यक्ष डॉ. विशाल पारीक के पिताजी नंदकिशोर पारीक ने जन्मदिन को सादगीपूर्ण मनाया। लोहागर्ल धाम पहुंचकर उन्होंने वानरों को फल, अनाज एवं पौष्टिक आहार वितरित किया, जबकि गौ माता की सेवा में हरा चारा, दाना-पानी एवं चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की गईं। यह सेवा कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि जीव-जंतुओं के प्रति करुणा एवं सेवा भाव को भी प्रोत्साहित करता है। ज्योति तनवानी ने कहा कि नंदकिशोर का यह संकल्प समाज के लिए अनुकरणीय है, जो हमें बताता है कि सच्ची खुशी सेवा में ही है।

नंदकिशोर पारीक ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “हम सभी को जीवन में धर्म, भक्ति, सेवा और सदाचार के पथ पर सदैव चलना चाहिए। तप, त्याग और सेवा से ही समाज को निरंतर प्रेरणा मिलती रहेगी।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जीव सेवा को जीवन का अभिन्न अंग बनाएं, ताकि एक सकारात्मक एवं नैतिक समाज का निर्माण हो सके।धाम कमेटी ने इस दौरान भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया,






